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GST के लागू होने से पहले जान ले – क्या है GST और क्या है इसके फायदे व नुकसान ?

दोस्तों बहुत दिनों से हम सभी एक शब्द रोज़ सुन रहे है और वो है GST. केन्द्र सरकार 1 जुलाई से पुरे देश में GST को लागू करने की तैयारी में है। लेकिन हम में से बहुत कम ही जानते है कि ये GST आखिर है क्या? GST kya hai? What is GST? मेरे बहुत से दोस्तों ने मुझसे पूछा कि “यार ये क्या बला है ? क्या हमें भी इससे कुछ फ़ायदा होगा ? GST ke kya fayde hai? What are the benefits of GST?”

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Hello Dear Friends,

आपके अपने Best E-Learning Blog CSC पर आपका स्वागत है।

आजादी के बाद का “सबसे बड़ा आर्थिक सुधार” कहे जाने वाले GST बिल को लंबी बहस के बाद राज्यसभा और लोकसभा ने पारित कर दिया। इसके बाद अभी कल ही कुछ राज्य सरकारों के साथ भी इस बिल पर सहमति बन चुकी है, जो इसमें संशोधन चाहती थी। इसके साथ ही देश के सबसे बड़े Tax Reforms को लागू करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा milestone पार कर लिया। बिल के लागू होने के बाद इससे न सिर्फ टैक्स भरना आसान होगा, बल्कि टैक्स की चोरी भी रुकेगी। इसके लागू होने से देश की जीडीपी बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।

दोस्तों GST दुनिया के 140 देशों में लागू है।  जीएसटी आने के बाद बहुत सी चीजें सस्ती हो जाएगी, हांलाकि कुछ जेब पर भारी भी पड़ेंगी। लेकिन सबसे बड़ा फायदा होगा कि टैक्स का पूरा सिस्टम आसान हो जाएगा। 18 से ज्यादा टैक्सों से मिलेगी मुक्ति और पूरे देश में सिर्फ एक टैक्स GST होगा। जाहिर है जीएसटी को लेकर सभी के मन में ढ़ेर सारे सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर कैसे काम करेगा ये GST तो आज की इस Post में हम जानेंगें GST का पूरा गणित।

क्या है जीएसटी? What is GST?

दोस्तों, GST का full form “वस्तु एवं सेवा कर  (Goods and Service Tax)” होता है।  यह एक ऐसी प्रणाली है जिससे पुरे देश के लिए एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) हो जाएगा। इसका मतलब है “एक देश और एक टैक्स”। अभी भारत में Tax System बहुत ही पेचीदा है, जिसमें केन्द्र सरकार और राज्य सरकार एक साथ बहुत सारे tax लगाती है जैसे कि बिक्री कर (Sales Tax ), मूल्य वर्धित कर(VAT), केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Tax), सेवा कर (Service Tax), मनोरंजन कर (Entertainment Tax), विलासिता कर (Luxury Tax) आदि ऐसे ही बहुत सारे टैक्स है। आम भारतवासी को GST के लागू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक Tax लगेगा। अतः इस प्रकार से GST एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। अब अगर इसे आसान शब्दों में कहे तो GST एक ऐसा बिल है जो बहुत सारे करों (Taxes) को मिला कर एक कर (Tax) में बदल दिया गया है। GST भारत की कर प्रणाली (Tax System) में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी बदलाव आएगा और भारत काफी तेज गति से विकास की ओर अग्रसर होगा।

अप्रत्यक्ष कर क्या होता है? What is Indirect Taxes?

भारत में मुख्य तौर पर दो तरह के टैक्स होते हैं एक है Direct Taxes यानी वो टैक्स जो सरकारें सीधे आपसे लेती हैं जैसे Income Tax, Capital Gains Tax आदि और दूसरा है Indirect Taxes यानी वो टैक्स जो अप्रत्यक्ष तौर पर आप सरकारों को देते हैं जैसे Service Tax, Sales Tax, VAT आदि। अतः अप्रत्यक्ष कर वो है जिसमे हम टैक्स सीधे सरकार को ना देकर वस्तुओं के निर्माता या खुर्दरा विक्रेता को देते है और बाद में निर्माता के जरिये वो टैक्स सरकार तक पहुँचता है।

क्यों जरूरी है जीएसटी – Why GST Bill

हमारे देश में वर्तमान में Tax की जो Structure है वह बहुत ही जटिल है। भारतीय संविधान में केन्द्र व राज्य सरकार दोनों के द्वारा लगाए जाने वाले करों का निर्धारण अलग-अलग किया गया है। जिसमें वस्तुओं की बिक्री पर कर लगाने का अधिकार राज्य सरकार और वस्तुओं के उत्पादन व सेवाओं पर कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। यही कारण है कि देश में अलग अलग तरह के कर लागू है और देश की वर्तमान कर व्यवस्था बहुत ही जटिल है। इस वजह से कंपनियों और छोटे व्यवसायों के लिए विभिन्न प्रकार के Tax Laws का पालन कर पाना बहुत ही मुश्किल होता है। इसलिए हमारे देश में GST को लागू करने की सख्त आवश्यकता है।

जी एस टी कैसे काम करेगी?

सख्त निर्देशों और प्रावधानों के बिना एक देशव्यापी कर सुधार(Tax Reform) काम नहीं कर सकता है। GST Committee ने इस नए कर व्यवस्था को तीन श्रेणियों में विभाजित करके इसे लागू करने की एक विधि तैयार की है। इस कानून के लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के कर होंगे। जो निम्न है –

सीजीएसटी (Central GST) : यह Tax केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाएगा।
एसजीएसटी (State GST) : यह Tax राज्य के भीतर होने वाली  बिक्री के लिए राज्य सरकारों द्वारा वसूला जाएगा।
आईजीएसटी (Integrated GST) : यह Tax अंतरराज्यीय बिक्री (दो राज्यों के भीतर होने वाला कारोबार) के लिए केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाएगा।

उदाहरण

राजस्थान के एक व्यापारी ने 10,000 रुपये में राज्य में ही एक उपभोक्ता को माल बेच दिया। जीएसटी की दर 18% है जिसमें सीजीएसटी 9% की दर और 9% एसजीएसटी दर शामिल है। ऐसे मामलों में डीलर 1800 रूपए जमा करता है और इस राशि में 900 रुपए केंद्र सरकार के पास जाएंगे और 900 रुपए राजस्थान सरकार के पास जाएंगे। इसलिए अब डीलर को आईजीएसटी के रूप में 1800 रूपये चार्ज करना होगा। अब सीजीएसटी और एसजीएसटी को भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।

इस ढ़ाचे के तहत पूरे देश में माल बेचने या फिर उसकी सप्लाई करने वालों को हर राज्य में तीन अगल-अलग Registration कराने होंगे और अलग-अलग Return भरते हुए Tax का हिसाब रखना होगा। अगर कोई कंपनी अलग-अलग तरह के Business करती है तो उसे हर Business का अलग-अलग Registration कराना होगा।

GST में कौनसे Tax शामिल होंगे?

Taxes जो जीएसटी (GST) में शामिल होंगे वो इस प्रकार से है –

Central Taxes –

Central Excise Duty, Additional Excise Duty, Special Additional Duty of Customs, Medicinal and Toilet Preferences (Excise Duty), Service Tax, Additional Custom Duty, Central Surcharge and Cess, Excise Duty as per Act 1455

State Taxes –

Value Aided Tax (VAT) / Sales Tax, Lottery Betting and Gambling Tax, Entertainment Tax, Central Sales Tax, Oktroy and entry tax, Purchase Tax, Luxury Tax, State Cess and Surcharge

GST Rates on Services

0% GST Rate Services – नॉन-एसी ट्रेन टिकट, मेट्रो, बस, ऑटो, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक और चैरिटेबल सेवाएं, टोल, बिजली, रिहायशी घर का किराया, पीएफआरडीए, ईपीएफओ और ईएसआईसी की सेवाएं, म्यूजियम, नेशनल पार्क में एंट्री, जनधन और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाएं, 1,000 रुपए तक किराये वाले होटल, दूध, नमक, आटा, दाल, चावल जैसी चीजों की ढुलाई।

5% GST Rate Services – ट्रेन या ट्रक से माल ढुलाई, एसी ट्रेन टिकट, कैब सेवा, विमान का इकोनॉमी क्लास का टिकट, टूर ऑपरेटर सर्विसेज, विमान की लीजिंग, प्रिंट मीडिया में एडवर्टाइजिंग।

12% GST Rate Services – रेलवे कंटेनर से सामान ढुलाई, विमान का बिजनेस क्लास का टिकट, नॉन-एसी रेस्तरां में खाना, रोजाना 1000-2500 रुपए किराये वाला होटल, कॉम्प्लेक्स या बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन, पेटेंट अधिकार का अस्थायी ट्रांसफर।

18% GST Rate Services – फोन बिल, बैंकिंग, बीमा और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज, एसी और शराब लाइसेंस वाले रेस्तरां, आउटडोर कैटरिंग में खाने की सप्लाई, रोजाना 2500-5000 रु. किराए वाले होटल, सर्कस, क्लासिकल और फोक डांस, थियेटर और ड्रामा के 250 रु. से ज्यादा के टिकट, वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट की कंपोजिट सप्लाई।

28% GST Rate Services – सिनेमा टिकट,थीम पार्क, वाटर पार्क, मेरी-गो-राउंड, गोकार्टिंग, कैसिनो, रेसकोर्स, बैले, आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स इवेंट, फाइव स्टार या इससे अधिक रेटिंग वाले होटल के रेस्तरां, रोजाना 5,000 रुपए से अधिक रूम रेंट वाले होटल, गैंबलिंग।

GST Rates on Goods

0% GST Rates Items – गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, खोई, ब्रेड, गुड़, दूध, दही, लस्सी, खुला पनीर, अंडे, मीट-मछली, शहद, ताजी फल-सब्जियां, प्रसाद, नमक, सेंधा/काला नमक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां (ग़ैर कीमती), पान के पत्ते, स्टांप पेपर, कोर्ट के कागजात, डाक विभाग के पोस्टकार्ड/लिफाफे, किताबें, स्लेट-पेंसिल, चॉक, समाचार पत्र-पत्रिकाएं, मैप, एटलस, ग्लोब, हैंडलूम, मिट्टी के बर्तन, खेती में इस्तेमाल होने वाले औजार, बीज, बिना ब्रांड के ऑर्गेनिक खाद, जानवरों का चारा, जलावन की लकड़ी, सभी तरह के गर्भनिरोधक, ब्लड, सुनने की मशीन जैसे बहुत ही जरूरी आइटम्स को 0% के स्लैब में रखा गया है।

5% GST Rates Items – ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड आटा, ब्रांडेड शहद, चीनी, चाय, कॉफी, मिठाइयां, खाद्य तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बच्चों के मिल्क फूड, रस्क, पिज्जा ब्रेड, टोस्ट ब्रेड, पेस्ट्री मिक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन फल-सब्जियां, पैकिंग वाला पनीर, ड्राई फिश, न्यूजप्रिंट, ब्रोशर, लीफलेट, ज्योमेट्री बॉक्स, झाडू, क्रीम, मसाले, जूस, साबूदाना, जड़ी-बूटी, लौंग, दालचीनी, जायफल, सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज, जीवन रक्षक दवाएं, कृत्रिम किडनी, स्टेंट, ब्लड वैक्सीन, हेपेटाइटिस डायग्नोसिस किट, ड्रग फॉर्मूलेशन, क्रच, व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल, लाइफबोट, हैंडपंप और उसके पार्ट्स, सोलर वाटर हीटर, रिन्यूएबल एनर्जी डिवाइस, ईंट, मिट्टी के टाइल्स, तांबे के बर्तन, लोहा, स्टील, लोहे की मिश्रधातुएं, साइकिल-रिक्शा के टायर, लिग्नाइट, कोक, कोल गैस, कोयला (400 रुपये प्रति टन लेवी के साथ), राशन का केरोसिन, एलपीजी रसोई गैस जैसे जरूरी आइटम्स को 5 पर्सेंट के स्लैब में रखा गया है।

12% GST Rates Items – नमकीन, भुजिया, बटर ऑयल, घी, मोबाइल फोन, ड्राई फ्रूट, फ्रूट और वेजिटेबल जूस, सॉस, सोया मिल्क जूस और दूध युक्त ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन मीट-मछली, अगरबत्ती, मोमबत्ती, आयुर्वेदिक-यूनानी-होम्यो दवाएं, गॉज, बैंडेज, प्लास्टर, ऑर्थोपेडिक उपकरण, टूथ पाउडर, सिलाई मशीन और इसकी सुई, बायो गैस, एक्सरसाइज बुक, क्राफ्ट पेपर, पेपर बॉक्स, बच्चों की ड्रॉइंग और कलर बुक, प्रिंटेड कार्ड, चश्मे का लेंस, पेंसिल शार्पनर, छुरी, कॉयर मैट्रेस, एलईडी लाइट, नट, बोल्ट, पेंच, किचन और टॉयलेट के सेरेमिक आइटम, स्टील, तांबे और एल्यूमीनियम के बर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और पार्ट्स, खेल के सामान, खिलौने वाली साइकिल, कार और स्कूटर, आर्ट वर्क, मार्बल/ग्रेनाइट ब्लॉक, छाता, वाकिंग स्टिक, फ्लाईएश की ईंटें, कंघी, पेंसिल जैसे जरूरी आइटम्स को 12 पर्सेंट के स्लैब में रखा गया है।

18% GST Rates Items – हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉर्न फ्लेक्स, पेस्ट्रीज और केक, जैम-जेली, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड, शुगर कन्फेक्शनरी, फूड मिक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स कंसेंट्रेट, डायबेटिक फूड, निकोटिन गम, मिनरल वॉटर, कॉटन पिलो, रजिस्टर, अकाउंट बुक, नोटबुक, इरेजर, फाउंटेन पेन, नैपकिन, टिश्यू पेपर, टॉयलेट पेपर, पेट्रोलियम जेली, प्लास्टिक प्रोडक्ट, हेलमेट, कैन, पाइप, शीट, कीटनाशक, रिफ्रैक्टरी सीमेंट, बायोडीजल, प्लास्टिक के ट्यूब, पाइप और घरेलू सामान, सेरेमिक-पोर्सिलेन-चाइना से बनी घरेलू चीजें, कांच की बोतल-जार-बर्तन, एलपीजी स्टोव, इलेक्ट्रिक मोटर और जेनरेटर, ऑप्टिकल फाइबर, चश्मे का फ्रेम, गॉगल्स, विकलांगों की कार, स्टील प्रॉडक्ट्स, कैमरा, स्पीकर और मॉनिटर्स पर 18 फीसदी टैक्स लगाए जाने का निर्णय किया गया है।

28% GST Rates Items – कस्टर्ड पाउडर, चॉकलेट, परफ्यूम, शैंपू, ब्यूटी या मेकअप के सामान, डियोड्रेंट, हेयर डाइ/क्रीम, पाउडर, स्किन केयर प्रोडक्ट, सनस्क्रीन लोशन, मैनिक्योर/पैडीक्योर प्रोडक्ट, शेविंग क्रीम, रेजर, आफ्टरशेव, लिक्विड सोप, डिटरजेंट, एल्युमीनियम फ्वायल, पियानो, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, डिश वाशर, इलेक्ट्रिक हीटर, इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट, प्रिंटर, फोटो कॉपी और फैक्स मशीन, लेदर प्रोडक्ट, विग, घड़ियां, वीडियो गेम कंसोल, सीमेंट, पेंट-वार्निश, पुट्टी, प्लाई बोर्ड, मार्बल/ग्रेनाइट (ब्लॉक नहीं), प्लास्टर, माइका, स्टील पाइप, टाइल्स और सेरामिक्स प्रोडक्ट, प्लास्टिक की फ्लोर कवरिंग और बाथ फिटिंग्स, कार-बस-ट्रक के ट्यूब-टायर, लैंप, लाइट फिटिंग्स, एल्युमिनियम के डोर-विंडो फ्रेम, इनसुलेटेड वायर-केबल, मोटर कार, मोटर साइकल, रिवॉल्वर, निजी एयरक्राफ्ट और नौकाविहार को लग्जरी मानते हुए सबसे अधिक टैक्स लेने का फैसला किया गया है।

इन प्रोडक्ट्स पर 28% टैक्स के साथ सेस भी लगेंगे

  • पेट्रोल: 4 मीटर से कम लंबी, 1200 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 1%, सेस कुल टैक्स 29%।
  • डीजल: 4 मीटर से कम लंबी, 1500 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 3%, सेस कुल टैक्स 31%।
  • अन्य सभी कार और एसयूवी: 15% सेस, कुल टैक्स 43%।
  • मोटरसाइकिल 350 सीसी से ज्यादा कैपेसिटी वाली: 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
  • प्राइवेट प्लेन और याट: 3% सेस, कुल टैक्स 31%।
  • कोल्ड ड्रिंक्स, लेमोनेड: 12% सेस, कुल टैक्स 40%।
  • बिना तंबाकू के पान मसाले: 60% सेस, कुल टैक्स 88%।
  • तंबाकू वाला गुटखा: 204% सेस. कुल टैक्स 232%।
  • अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स: 61-160% सेस, कुल टैक्स 89-188%

कौनसी चीजें GST के दायरे से बाहर रहेंगी?

  • मानव उपभोग के लिए अल्कोहल शराब (Alcoholic liquor for human consumption)
  • पेट्रोलियम क्रूड (Petroleum Crude)
  • उच्च गति डीजल (High Speed Diesel)
  • प्राकृतिक गैस और विमानन टरबाइन ईंधन (Natural Gas and Aviation Turbine Fuel)

जीएसटी के फायदे – Benefits of GST

  1. आज देश में बहुत सारे टैक्स लगते है। GST में कम से कम 16 Central और state टैक्सेज समाहित हो जाएंगे जिससे आम आदमी भी आसानी से टैक्स का गणित समझ पाएगा।
  2. पूरे भारत में एक ही tax होने से देश भर में वस्तुओं और सेवाओं के दाम एक ही रहेंगे, उनमें आजकल की तरह अंतर नहीं होगा।
  3. एक ही Tax रहने से इसे लेने और देने वाले दोनों को आसानी हो जाएगी।
  4. देश के सभी राज्यों और केद्रशाषित राज्यों में वस्तुओं और सेवाओं की कीमत एक जैसी हो जाएगी। इससे राज्य की मनमानी बंद हो जाएगी और पूरा देश एक मार्केट हो जाएगा जहां के तमाम राज्यों के बीच सामानों की बेरोकटोक ढुलाई हो पाएगी।
  5. कुछ Indirect Tax बढ़ेंगे जबकि ज्यादातर में कटौती होगी। इससे आम आदमी की जेब पर भी बोझ कम हो जाएगा, क्योंकि कंपनियों की Manufacturing (उत्पादन) लागत घट जाएगी।
  6. जीएसटी आने से एक तो टैक्स में कमी आएगी और ऊपर से जो निर्माता (Manufacturer) या खुदरा विक्रेता (Retailer) टैक्स की चोरी करते है उसमे कमी आ जाएगी|
  7. GST से भारत के अन्दर विभिन्न राज्यों के बीच व्यवसाय सरल होगा तथा उसका खर्च बहुत घट जायेगा, क्योंकि एक तो चुंगी नहीं देनी होगी और दूजे परिवहन का खर्चा (Transportation Cost) कम हो जाएगा।
  8. तरह-तरह टैक्स के बदले एक टैक्स होने से सरकार को कर प्रवंचन (Tax Evasion) पर लगाम रखने की सुविधा होगी अर्थात् Black money/काले धन पर नकेल कसी जाएगी।
  9. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था में काफी बदलाव आएगा और भारत काफी तेज गति से विकास की ओर अग्रसर होगा। अनुमान है कि GST लागू होने के बाद भारत की जीडीपी में तकरीबन 2 फीसदी की वृद्धि हो जाएगी। इसकी अहम वजह है कि टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और साथ ही कारोबारियों में टैक्स देने की रूचि बढ़ेगी।

GST का मुख्य उद्देश्य माल और सेवाओं के उत्पादन और वितरण लागत पर करों के प्रभाव को खत्म करना होगा। ‘Tax on Tax’ के व्यापक प्रभावों को ख़त्म कर उसे एक Tax में बदलने से बाजार में मूल वस्तुओं और सेवाओं की प्रतिस्पर्धा में काफी सुधार होगा, जिससे देश के जीडीपी विकास में लाभकारी प्रभाव पड़ेगा। जीएसटी के भारत में शुरू होने से अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाने के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एक बेहतर कारण प्रदान करेगा।

जानिए GST के बाद क्या होगा सस्ता –

माना जा रहा है कि Manufacturing कंपनियों पर Tax लागत कम हो जाएगी। जिससे भारत में बनने वाला अधिकतर सामान सस्ता हो जायेगा। छोटी कारें, एसयूवी, बाइक, पेंट और सीमेंट, मूवी टिकट, रेस्तरां का बिल, बिजली के सामान (पंखे, बल्ब, वाटर हीटर, एयर कूलर), रोजमर्रा की जरूरत के सामान, रेडीमेड कपड़े, घर या फ्लैट आदि खरीदना सस्ते हो जाएंगे। उपभोक्ताओं को Consumer Durables जैसे Air Conditioner, Fans, Microwave Oven, Refrigerator, Washing Machine आदि सस्ते हो सकते हैं। जीएसटी आने से मालढुलाई भी 20 फीसदी सस्ती हो जाएगी और जब माल ढुलाई कम होगी तो उपभोक्ताओं को सामान भी सस्ते मिलेंगे।

ये चीजे हो सकती है महंगी –

चाय, कॉफी, कई डब्बा बंद फूड प्रोडक्ट महंगे हो सकते हैं। तंबाकू पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी के मुकाबले जीएसटी की दर ज्यादा होगी जिससे सिगरेट के दाम बढ़ेंगे। टेक्सटाइल और ब्रैंडेड जूलरी भी महंगी हो सकती है। रेस्ट्रॉन्ट्स में खाने समेत ज्यादातर सर्विसेज महंगी पड़ सकती है। रेल, बस और हवाई सफर हो सकता है महंगा।

एक और चीज जिसका महंगा होना लगभग तय है वो है सर्विसेज। यानी मोबाइल फोन का बिल, क्रेडिट कार्ड का बिल या फिर ऐसी दूसरी सेवाएं महंगी हो सकती हैं। क्योंकि अभी सर्विसेज पर अधिकतम 14.5 फीसदी सर्विस टैक्स लगता है। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद ये 18 फीसदी तक हो सकता है।

इतना ही नहीं आप अभी कंपनियों के भारी भरकम डिस्काउंट का जितना फायदा उठाते हैं जीएसटी लागू होने के बाद उतना फायदा नहीं उठा सकेंगे। क्योंकि अभी डिस्काउंट के बाद जो कीमत होती है उस पर टैक्स लगता है। लेकिन जीएसटी के तहत छूट के बाद की कीमत पर नहीं बल्कि एमआरपी पर टैक्स लगेगा। मसलन, अगर 10000 रुपये का सामान कंपनी आपको 5000 रुपये में देती है तो अभी आपको करीब 600 रुपये टैक्स देने पड़ता है लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद आपको 1200 रुपये टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

तो दोस्तों ये Post थी “GST” के बारे में हिन्दी में। मुझे पूर्ण विश्वास है की मैंने आप लोगों को  “GST kya Hai (जीएसटी क्या है) – What is GST in Hindi”  के बारे में पूरी जानकारी दे दी है। मैं आशा करता हूँ आप लोगों को आसानी से GST और इसके फायदों के बारे में समझ आ गया होगा। अगर अभी भी आपके मन में कोई Doubt है तो आप नीचे Comment करके मुझसे पूछ सकते है। मैं जरुर उन Doubts को दूर करने की कोशिश करूँगा और मुझे आपकी सहायता करके ख़ुशी होगी। 🙂

।।   Thank You   ।।

उम्मीद करता हूँ दोस्तों कि आपको यह Post पसंद आई होगी। दोस्तों आप सभी से गुजारिश है कि अगर आपको यह post पसंद आये तो इसे बाकी दुसरे लोगों और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें, जिससे उन्हें भी इसके बारे में जानकारी मिल सकेगी। दोस्तों आपको यह Post कैसी लगी? मुझे नीचे Comment में लिखकर जरूर बताएं ताकि मैं CSC को आपके लिए और बेहतर बना सकूँ। Dear Friends, मेरी जिम्मेदारी बनती है कि मैं आपको कुछ अच्छी और सही जानकारी प्रदान करू और अगर आप यहाँ से कुछ सीख रहे हो तो यह आपकी जिम्मेदारी बनती है कि उस जानकारी को निचे दिए गए Share icons पर Click कर शेयर करे और अपने दोस्तों व सम्बन्धियों तक पहुँचाये।  साथ ही मेरे Facebook Page को भी Like करे। मुझे भी आप लोगों के सहयोग की आवश्यकता है।

About Chandan Saini

दोस्तों मेरा नाम Chandan Saini है और मैं एक IT Professional और Blogger हूँ। इस website को बनाने का मेरा एकमात्र लक्ष्य यही था कि मैं उन लोगों या students की मदद कर सकू, जो internet पर बहुत कुछ सीखना और पढ़ना चाहते है या जो blog और website मे interest तो रखते है परन्तु English अच्छी ना होने के कारण ज्यादा कुछ नही कर पाते है। आपको इस website पर Technology, Social Media, SEO, Blogging, Domain and Hosting, Success Stories, Self Improvement, Online Business, Biography, Gadgets, Tech Tips, Internet, Computer, Laptops, Mobile आदि सभी प्रकार की जानकारी हिन्दी में मिलेगी।

4 comments

  1. GST Ke Bare Me itna Batane Ke Liye apko dhanyawad |
    ‘GST Kya hai’ iske bare me bahut confusion thi

  2. hi Chandan Saini
    this is very useful article thanks for uploading…
    keep up the good work…

  3. Hi Chandan ji,

    This is very useful article thanks

    Mera naam Ravi Hai mai bhi blog start karna chahata hu. please mujhe aap gaidance de sakte hai kya….

    website me Kaun si theme, plugin, Subscribe Newsletter Plugin, Social media sharing, iski jankari chahiye mujhe to aap mujhe bata sakte hai kya…

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